सचमुच हमारी अनुभूतियां
नाव के चप्पू की तरह बदल जाती हैं हर पल
लगता है पानी सारे द्वार खोल रहा है खुशियों के
चीजें त्वरा के साथ आ रही हैं जा रही हैं
गाने की मधुर स्वर लहरियां गूंजती हुई रेडियो से
मानों ये झील के भीतर से ही आ रही हों
हम पानी के साथ बिलकुल साथ-साथ
और नाव को धीरे-धीरे बढ़ाता हुआ नाविक
मिला रहा है गाने के स्वर के साथ अपना स्वर
और हम खो चुके हैं पूरी तरह से,
यहां की सुन्दरता के साथ।
नाव के चप्पू की तरह बदल जाती हैं हर पल
लगता है पानी सारे द्वार खोल रहा है खुशियों के
चीजें त्वरा के साथ आ रही हैं जा रही हैं
गाने की मधुर स्वर लहरियां गूंजती हुई रेडियो से
मानों ये झील के भीतर से ही आ रही हों
हम पानी के साथ बिलकुल साथ-साथ
और नाव को धीरे-धीरे बढ़ाता हुआ नाविक
मिला रहा है गाने के स्वर के साथ अपना स्वर
और हम खो चुके हैं पूरी तरह से,
यहां की सुन्दरता के साथ।



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