कारवॉं

नयी मंज़िल के मीरे-कारवाँ भी और होते हैं
पुराने ख़िज़्रे-रह बदले वो तर्ज़े-रहबरी बदला
-फ़िराक़ गोरखपुरी

शनिवार, 13 जून 2009

लोगों की पसंद के आईने में ब्‍लॉग



'कारवॉं' ------------- 'कस्‍बा', 'भडास','मोहल्‍ला' से आगे --------- 'मानसिक हलचल','उडन तश्‍तरी' आदि सबसे आगे-----------------------करीब डेढ साल पहले अविनाश के ब्‍लाग मोहल्‍ले पर आए मेरे लेख पर जब पच्‍चीस तीस कमेंट आए तो पहली बार मुझे पता चला था कि यह ब्‍लाग क्‍या बला है...। तब तक मेरे पास कंपूटर नहीं था । कहीं कहीं देखकर मैंने धीरे धीरे जाना कि यह एक वैकल्पिक मीडिया की जगह लेता जा रहा है। मोहल्‍ला पर मेरे लेख के आने के कुछ माह बाद ही जब मनोवेद का संपादन करने के क्रम में घर पर ही कंपूटर आदि की सुविधा हुयी तो मैंने भी अपना ब्‍लाग कारवॉं शुरू किया। मोहल्‍ला तब भी सक्रियता क्रम में एक से दस नंबर के भीतर रहता था। पत्रकारिता विरादरी से होने के चलते मोहल्‍ला के बाद जिन ब्‍लागों को जाना वे कस्‍बा और भडास आदि थे। भडास की चर्चा अक्‍सर अविनाश आदि से ही सुनी थी। ब्‍लाग का स्‍वरूप निजी होता है सो अपने ब्‍लाग पर कुछ कुछ लिखते और साथियों की चीजें यदा कदा देते रहने के अलावे मेरी कभी इसमें रूचि नहीं रही कि मेरा ब्‍लाग नंबर वन हो। इसके लिए नियमित श्रम भी जरूरी था और इसके विपरीत मै महीने महीने भर बीच बीच में गायब हो जाता हूं पटना तो एक लाईन लिख नहीं पाता ब्‍लाग पर।
पर इधर जब मैंने चिट्ठाजगत पर यूं ही देखा तो यह देखना मजेदार रहा कि कारवॉं मोहल्‍ला कस्‍बा और भडास से ज्‍यादा लोगों द्वारा पसंद किया जाता है। जहां कारवां को 143 लोग पसंद करते हैं वहीं मोहल्‍ला को 128 और कस्‍बा को 133 और भडास को 130 लोगों द्वारा पसंद किया जाता है। जबकि सक्रियता क्रम में कारवां 159 पर है और ये ब्‍लाग 14,9 और तीसरे स्‍थान पर हैं।
इससे भी मजेदार यह है कि जो ब्‍लाग लोगों की पसंद में सबसे आगे हैं वे इनमें से कोई नहीं हैं। सबसे ज्‍यादा लोगों द्वारा बुकमार्क किए गए ब्‍लागों में सबसे उपर Blogs Pundit by E-Guru Rajeev (189),मानसिक हलचल (160),उड़न तश्तरी .... (155)आदि हैं। मानसिक हलचल और उडन तश्‍तरी सक्रियता क्रम में भी सबसे आगे हैं। नीचे चिट्ठाजगत पर कल रात इस से संबंधित जो आंकडे मुझे दिखे वह नीचे है, पाठक इसे देखकर कुछ चीजों का अंदाजा लगा सकते हैं। साफ है कि सक्रियता क्रम का मतलब हुआ कि आप ब्‍लाग पर कितनी और किस तेजी से सामग्री डालते हैं और पसंद का मतलब हुआ कि आपके डाले हुए में लोग क्‍या पढना पसंद करते हैं।
यूं देखाजाए तो यह ब्‍लाग की दुनिया गाल बजाने पर ही ज्‍यादा टिकी दिखती है, कुल आठ नौ हजार ब्‍लागर में तीन चार सौ लोग चर्चित ब्‍लागों को पढते हैं, ये अधिकांश ब्‍लागर ही होंगे। इनमें मात्र डेढ दो सौ लोग इन ब्‍लागों को पसंद करते हैं। बाकी हमारी अपनी उछल कूद का नंबर है , और यह खुशफहमी कि सारी दुनिया हमें देख रही है । यूं यह साइबर दुनिया है और इसका यथार्थ भी साइबर ही होगा, जमीनी नहीं। आगे हम कोशिश करेंगे की इस साइबर दुनिया के यथार्थ को जानें और उस जानकारी को आपस में बांटें ताकि हम बडी जमात को अपनी ओर आकर्षित कर सकें और अपने विचारों व कार्यों की आपसदारी और भागीदारी को बढा सकें।

कारवॉं
3496 सम्बंधित लेख
अन्य विशेषताएँ
पुस्तकचिह्न 143
• हवाले 8 चिट्ठे 19 लेख
• सक्रियता क्रं० 156

कस्बा
336 सम्बंधित लेख
अन्य विशेषताएँ
पुस्तकचिह्न 133
• हवाले 72 चिट्ठे 176 लेख
• सक्रियता क्रं० 14

भडास
1 सम्बंधित लेख
अन्य विशेषताएँ
पुस्तकचिह्न 130
• हवाले 92 चिट्ठे 210 लेख
• सक्रियता क्रं० 9

मोहल्ला
283 सम्बंधित लेख
अन्य विशेषताएँ
पुस्तकचिह्न 128
• हवाले 124 चिट्ठे 350 लेख
• सक्रियता क्रं० 3


चिट्ठे का नाम (कितनों की पसंद)
Blogs Pundit by E-Guru Rajeev (189)
मानसिक हलचल (160)
फुरसतिया (159)
उड़न तश्तरी .... (155)
घुघूतीबासूती (154)
आलोक पुराणिक की अगड़म बगड़म (153)
एक हिंदुस्तानी की डायरी (152)
निर्मल-आनन्द (152)
रचनाकार (151)
हिन्द-युग्म (150)
visfot.blog (150)
अज़दक (150)
काकेश की कतरनें (150)
मसिजीवी (149)
प्रत्यक्षा (149)
subhash bs Blog (149)
जोगलिखी (149)
Meri Katputliyaan (149)
पारूल…चाँद पुखराज का (149)
कबाड़खाना (149)
आईना (148)
चिट्ठा चर्चा (148)
॥दस्तक॥ (148)
"प्रेम ही सत्य है" (148)
टिप्प्णीकार (148)
बालकिशन का ब्लॉग (148)
गीत कलश (147)
उन्मुक्त (147)
मेरा पन्ना (147)
Nithalla Chintan (147)
आरंभ Aarambha (147)
कुछ मेरी कलम से kuch meri kalam se ** (147)
notepad (147)
हिन्दी ब्लॉग : hIndi Blog (146)
Mahashakti - महाशक्ति (146)
मुझे भी कुछ कहना है..... (146)
Srijan Shilpi (146)
DHAI AKHAR ढाई आखर (146)
mamta t .v. (146)
हाशिया (146)

सक्रियता क्र० - चिट्ठे का नाम, (कुल 8698 चिट्ठों में से)
1. मानसिक हलचल
2. उड़न तश्तरी ....
3. मोहल्ला
4. हिन्द-युग्म
5. छींटें और बौछारें
6. सारथी
7. फुरसतिया
8. दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिका
9. भड़ास blog
10. दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिका
11. शब्दों का सफर
12. निर्मल-आनन्द
13. चिट्ठा चर्चा
14. कस्बाा qasba
15. रचनाकार
16. आलोक पुराणिक की अगड़म बगड़म
17. ताऊ डॉट इन
18. मेरा पन्ना
19. कबाड़खाना
20. शिवकुमार मिश्र और ज्ञानदत्त पाण्डेय का ब्लॉग
21. घुघूतीबासूती
22. अज़दक
23. चोखेर बाली
24. तीसरा खंबा
25. दीपक भारतदीप का चिंतन
26. अनवरत
27. दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका
28. उन्मुक्त
29. आवाज़
30. नारी
31. अमीर धरती गरीब लोग
32. यूनुस ख़ान का हिंदी ब्लॉ ग : रेडियो वाणी ----yunus khan ka hindi blog RADIOVANI
33. लो क सं घ र्ष !
34. प्रत्यक्षा
35. मेरी छोटी सी दुनिया
36. दुनिया मेरी नज़र से - world from my eyes!!
37. Rudra Sandesh
38. महाजाल पर सुरेश चिपलूनकर (Suresh Chiplunkar)
39. साहित्य शिल्पी
40. छुट-पुट

2 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

अनेक शुभकामनाऐं. नियमित लिखें और इन सब आंकड़ों की चिन्ता न करें. यह तो बदलते रहते हैं. आप अपना कार्य करते चलें.

निशांत मिश्र - Nishant Mishra ने कहा…

किसी तरह की रेटिंग का कोई मायने नहीं है. ये सब व्यर्थ की बातें हैं. गूगल पेज रैन्क, अलेक्सा रेटिंग, साइटमीटर, विजिटर मैप, फीड रीडर, आदि से तय नहीं होता कि कोई ब्लौग कितना बढ़िया है. मैंने भी ऐसे कुछ विजेट अपने ब्लौग पर लगाए हैं लेकिन उनसे कोई प्रेरणा नहीं मिलती. वे तो केवल तकनीकी सूचना प्रदान करते हैं.
इन सबके चक्कर में न पड़ कर सभी ब्लौगर भाइयों को अपने ब्लौग की विषयवस्तु को संवारने और अपनी सामग्री को हमेशा पठनीय बनाने का प्रयास करना चाहिए. आप वह लिखें जो दूसरों को न केवल पढ़ने में अच्छा लगे बल्कि उन्हें नई जानकारी मिले और उनका ज्ञान भी बढे. विवादों में पड़ने से भी केवल तात्कालिक लाभ मिलता है बल्कि इसके कारण ब्लौग कुछ पाठक भी हमेशा के लिए खो देते हैं.