कारवॉं

नयी मंज़िल के मीरे-कारवाँ भी और होते हैं
पुराने ख़िज़्रे-रह बदले वो तर्ज़े-रहबरी बदला
-फ़िराक़ गोरखपुरी

मंगलवार, 13 जनवरी 2009

तीन-पांच सितारा होटल : कुमार मुकुल

सिर पर मुकुट बांधे
यहां का दरबान
राजा लगता है

और प्रिंस कोट डटाए बेयरे
लगते हैं
राजकुमारों से

मधुर मुस्‍कान फेंकती
रिसेप्‍सनिस्‍टस
राजकुमारियां लगती हैं

बाकी

वही

अकाटू-बकाटू लोग
दिखते हैं
यहां से
वहां तक ...